शब्दार्थ
ख़ुश-चश्मी
khush-chashmi
अर्थ
सुंदर नेत्र होना; आँखों का सौंदर्य या आकर्षण।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'ख़ुश-चश्मी' का अर्थ सुंदर, नशीली और आकर्षक आँखों का गुण है, जिसकी तुलना प्रायः हिरन की आँखों से की जाती है। इस शेर में यह जंगल के हिरनों के अपनी आँखों के सौंदर्य पर किए जाने वाले दावे को दर्शाता है, जिसे माशूक़ के हुस्न के सामने तुच्छ माना गया है। यह शब्द प्रेमिका की नज़रों के जादू को उभारने के लिए प्रयुक्त होता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'khvash/khush' (pleasing, beautiful) and 'chashm' (eye), appended with the abstract noun suffix '-i'.
प्रयोग
Frequently used in classical ghazals to evoke the enchanting, wild, gazelle-like gaze of the beloved in contrast to nature.
उदाहरण
आहवान-ए-सहरा को अपनी ख़ुश-चश्मी पर बड़ा नाज़ है।
उसकी ख़ुश-चश्मी ने महफ़िल के हर दिल को मोह लिया।
