शब्दार्थ
ख़ुश्क
khushk
hiadjective
अर्थ
सूखा, प्यासा, निर्जल या मुरझाया हुआ।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ सूखा या निर्जल होता है। उर्दू शायरी में यह विशेष रूप से विरह, तृष्णा और शोक से सूखे हुए होंठों ('लब-ए-ख़ुश्क') के लिए आता है। इस शेर में यह उन प्यासों के सूखे होंठों का प्रतीक है जो अधूरी हसरतों और प्यास में दम तोड़ चुके हैं।
व्युत्पत्ति
Persian (خشک - khushk, meaning dry or withered).
प्रयोग
Frequently compounded with 'lab' (lips) or contrasted with 'tar' (moist) to symbolize extreme yearning, austerity, or emotional desolation in ghazals.
उदाहरण
लब-ए-ख़ुश्क पर आख़िरी सदा
ख़ुश्क पत्तों की तरह बिखर जाना
समानार्थी
सूखातिश्नाबे-आबरूखा
संबंधित शब्द
ख़ुश्कीतिश्नगीलब-ए-ख़ुश्कख़ुश्क-साली
