शब्दार्थ
ख़ोशे
khōshe
hinoun
अर्थ
अनाज की बाली या गुच्छा (तिर्यक रूप)।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'ख़ोशा' का अर्थ गेंहूँ की बाली या अंगूर आदि का गुच्छा होता है, जो अक्सर बिजली (बर्क़) के जलवे का शिकार बनता है। इस शेर में यह उस बाली के संदर्भ में आया है जिसे बिजली जलाती है; शायर बिजली से कहता है कि वह इस कमज़ोर बाली को जलाने का घमंड न करे।
व्युत्पत्ति
Persian (خوشه / khōsheh), denoting an ear of corn, spike of grain, or bunch of fruit.
प्रयोग
In the ghazal tradition, 'khosha' and 'kharman' (harvest) are conventional emblems of vulnerability, perpetually threatened by the celestial lightning of fate or divine glory.
उदाहरण
ख़ोशा-ए-गंदुम
बर्क़ और ख़ोशा
समानार्थी
बालीगुच्छाख़ोशा
संबंधित शब्द
बर्क़ख़र्मनदेहक़ाँदाना
