शब्दार्थ
ख़ुश
khush
hiadjective
अर्थ
प्रसन्न, आनंदित या संतुष्ट।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'ख़ुश' का प्रयोग प्रसन्नता, संतोष और मन के बहलाव के संदर्भ में होता है। ग़ालिब के इस शेर में 'दिल के ख़ुश रखने' का आशय दिल को बहलाने या झूठी तसल्ली देने से है। यहाँ कवि सत्य से भली-भाँति परिचित होने के बावजूद दिल को बहलाने के लिए एक सुहावनी कल्पना का सहारा लेता है।
व्युत्पत्ति
Persian (خوش / xoš), meaning pleasant, sweet, good, or happy.
प्रयोग
In classical ghazal poetry, 'khush' is frequently used with verbs of appeasement to highlight the ironic contrast between outer solace and inner grief.
उदाहरण
दिल-ए-नाशाद को ख़ुश रखने का बहाना ढूँढा
ख़ुश रहे तू कि तिरी बज़्म से जाते हैं हम
समानार्थी
शादमसरूरप्रसन्नराज़ी
संबंधित शब्द
ख़ुशीख़ुशफ़हमीख़ुशहालदिलख़ुश
