शब्दार्थ
ख़्वास्त-गारी
khwāst-gārī
hinoun
अर्थ
इच्छा, तलब, माँगना या किसी चीज़ की चाह।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'ख़्वास्त-गारी' का अर्थ किसी चीज़ की चाहत, तलब या याचना करना है। प्रस्तुत शेर में यह सांसारिक सुखों व दुनिया की लालसा न करने की हिदायत के तौर पर आया है, क्योंकि दुनिया से किसी को सच्चा लाभ हासिल नहीं होता। यह शब्द याचना और आरज़ू की भावना को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Persian: compound of 'khwāst' (خواست, desire/request from 'khwāstan' to want/seek) + agent suffix '-gār' (گار) + abstract noun suffix '-ī' (ی).
प्रयोग
In the ghazal tradition, the word is typically used in contemplative or Sufistic verses to reflect on human longing, whether for worldly illusion or divine union.
उदाहरण
दुनिया की न कर तू ख़्वास्त-गारी
ख़्वास्त-गारी-ए-विसाल में उम्र गुज़र गई
समानार्थी
तलबआरज़ूतमन्नायाचना
संबंधित शब्द
ख़्वास्त-गारख़्वाहिशदरख़्वास्त
