शब्दार्थ

ख़्वार

khwār

hiadjective

अर्थ

अपमानित, ज़लील, बेइज़्ज़त या दुर्दशाग्रस्त।

विस्तार

क्लासिकी उर्दू शायरी में 'ख़्वार' का आशय अपमानित, ज़लील या बदहाल होने से है। मीर के इस शे'र में यह शब्द महबूब के सामने प्रेमी की आत्महीनता और उसकी बेक़द्री को दर्शाता है। यह इश्क़ की उस अवस्था को रेखांकित करता है जहाँ प्रेमी की कोई इज़्ज़त बाक़ी नहीं रहती।

व्युत्पत्ति

Persian (خوار, meaning vile, abject, or contemptible).

प्रयोग

In the ghazal tradition, 'khwār' is commonly used alongside wandering (ख़्वार फिरना) to portray the lover's public abasement and total loss of worldly honor.

उदाहरण

कूचों में ख़्वार फिरना

इश्क़ में ख़्वार होना

समानार्थी

ज़लीलरुसवाबेइज़्ज़तहक़ीर

संबंधित शब्द

ख़्वारीख़्वार-ओ-ज़ारदर-ब-दर
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