शब्दार्थ

ख़्वा-मख़्वाह

khwa-makhwah

hiadverb

अर्थ

चाहे-अनचाहे, हर हाल में या बिना किसी कारण।

विस्तार

यह फ़ारसी उद्भव का क्रियाविशेषण है जिसका अर्थ 'चाहे-अनचाहे', 'हर हाल में' या 'बिना किसी सबब के' होता है। प्रस्तुत शे'र में यह लाचारी और अनिवार्यता को दर्शाता है, जहाँ आशिक़ कहता है कि जब मरना निश्चित ही है तो महबूब की गली जाने से परहेज़ क्यों किया जाए।

व्युत्पत्ति

Persian compound derived from 'خواہ' (khwāh, 'wish/want') + 'نہ'/'م' (negative particle) + 'خواہ' (khwāh), contracted from 'خواه نخواه'.

प्रयोग

In classical ghazal poetry, it is favored for depicting either fate's unavoidable decree or the unjustified cruelty inflicted by the beloved and the heavens.

उदाहरण

ख़्वा-मख़्वाह किसी से उलझना ठीक नहीं।

इस दुनिया से तो ख़्वा-मख़्वाह कूच करना ही है।

समानार्थी

बिला-वजहनाहक़ज़रूरतनलाज़िमन

संबंधित शब्द

ख़्वाहिशख़्वाह-ना-ख़्वाहख़ुद-ब-ख़ुद
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