शब्दार्थ
ख़्वाजा-मीर
Khwaja-Mir
hiproper noun
अर्थ
प्रसिद्ध सूफ़ी शायर ख़्वाजा मीर 'दर्द'।
विस्तार
यह 18वीं सदी के प्रसिद्ध सूफ़ी शायर ख़्वाजा मीर 'दर्द' का नाम है। इस शे'र में उनका ज़िक्र मीर तक़ी 'मीर' और मिर्ज़ा रफ़ी 'सौदा' के साथ शास्त्रीय उर्दू शायरी के एक शीर्ष स्तम्भ के रूप में हुआ है। वे उर्दू ग़ज़ल में रूहानियत और तसव्वुफ़ के सबसे बड़े प्रतिनिधि माने जाते हैं।
व्युत्पत्ति
Persian 'khwājah' (master, title of respect) and Arabic 'mīr' (contraction of amīr, prince/leader).
प्रयोग
Invoked in classical poetic traditions as a canonical pillar of early Delhi ghazal poetry alongside Sauda and Mir.
उदाहरण
ख़्वाजा-मीर की सूफ़ीयाना ग़ज़लें
ख़्वाजा-मीर और दबिस्तान-ए-देहली के उस्ताद
समानार्थी
मीर दर्दख़्वाजा मीर दर्द
संबंधित शब्द
दर्दमीरसौदातसव्वुफ़
