शब्दार्थ
खावेंगे
khaavenge
अर्थ
खाएंगे, आहार करेंगे (भविष्यत् काल का पुराना रूप)।
विस्तार
यह क्रिया 'खाना' का पुराना या शास्त्रीय बहुवचन भविष्यत् काल रूप है, जिसे आधुनिक भाषा में 'खाएँगे' लिखा जाता है। प्रस्तुत शे'र में ग़ालिब तंज़िया अंदाज़ में पूछते हैं कि यदि दिल्ली में इश्क़ के ग़म का अकाल है, तो वहाँ आशिक़ क्या खाकर ज़िंदा रहेंगे। यहाँ खाने का संबंध केवल शारीरिक भोजन से नहीं बल्कि रूहानी और इश्क़िया ग़म के उपभोग से है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit 'khādati' (eats), evolving through Prakrit into Hindustani 'khānā'; the '-venge' inflection reflects older Awadhi/Braj and early Khariboli grammar common in Rekhta.
प्रयोग
Frequently found in classical Urdu ghazal as an archaic future verbal form matching earlier Khariboli and Braj poetic conventions.
उदाहरण
जो ग़म ही न रहा तो हम खावेंगे क्या
दर्द न हो तो वो खावेंगे क्या
