शब्दार्थ

खोवें

khoweñ

hiverb

अर्थ

खोती हैं, छीनती हैं या गँवाती हैं।

विस्तार

शास्त्रीय रेख़्ता में 'खोवें हैं' पुरानी क्रियात्मक बनावट है जो आधुनिक 'खोती हैं' के बराबर प्रयुक्त होती है। इस शेर में इसका अर्थ है कि विपत्तियों की दास्तानें शायर की नींद छीन लेती हैं या नष्ट कर देती हैं। यह रंज और अनिद्रा की निरंतरता को प्रभावी ढंग से व्यक्त करता है।

व्युत्पत्ति

From Sanskrit क्षपयति (kṣapayati) or Prakrit खोवइ (khovai), evolving into Hindi-Urdu खोना (khonā).

प्रयोग

The verbal suffix '-वें हैं' was a common archaic device in eighteenth- and early nineteenth-century poetry to render third-person plural present habitual actions.

उदाहरण

चैन दिल का खोवें हैं

होश ओ ख़िरद को खोवें

समानार्थी

गँवाएँछीनेंनष्ट करें

संबंधित शब्द

खोनाखोयाखोए
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