शब्दार्थ
ख़लल-पज़ीर
khalal-pazīr
hiadjective
अर्थ
विकृत, बिगड़ा हुआ या जिसमें दोष या विकार आ गया हो।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में 'ख़लल-पज़ीर' उस अवस्था को दर्शाता है जिसमें कोई बिगाड़, रुकावट या विकार आ गया हो। इस शेर में यह शब्द उन मित्रों के दिमाग़ पर व्यंग्य करता है जो इश्क़ के उन्माद का इलाज ढूँढ़ते-ढूँढ़ते स्वयं मतिभ्रष्ट हो चुके हैं।
व्युत्पत्ति
Compound of Arabic 'khalal' (flaw, disruption) and Persian '-pazīr' (root of pazīruftan, meaning receiving or admitting).
प्रयोग
Commonly used in ghazals to describe the mind or peace of mind disrupted by passion, or to satirize the sanity of sensible advisers.
उदाहरण
दिमाग़ ख़लल-पज़ीर होना
ख़लल-पज़ीर हुआ दिल का सुकून
समानार्थी
फ़ुतूर-ज़दानाक़िसख़राबबद-हवास
संबंधित शब्द
ख़ललफ़ुतूरसौदाइख़्तिलाल
