शब्दार्थ
खिलना
khilna
hiverb
अर्थ
फूल या कली का प्रस्फुटित या विकसित होना।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'खिलना' कली के आहिस्ता-आहिस्ता खुलने या लबों पर तबस्सुम के उभरने का रूपक है। मीर के इस शे’र में कली का ज़रा-सा खिलना महबूब की मदहोश और अधखुली आँखों (नीम-ख़्वाबी) की नज़ाकत से तशबीह दिया गया है। यह शब्द रूप और भाव की धीमी, सम्मोहक अभिव्यक्ति को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Derived from Prakrit 'खिल्लइ' (khillai), related to Sanskrit 'फुल्लति' (phullati, to blossom or expand).
प्रयोग
In classical ghazal, it is frequently coupled with imagery of buds ('kali') and the beloved's delicate, half-parted lips or eyes.
उदाहरण
बाग़ में सुबह की हवा से कली का खिलना।
लबों पर हल्की सी मुस्कान का खिलना।
समानार्थी
प्रस्फुटित होनाविकसित होनाशगुफ़्ता होना
संबंधित शब्द
कलीगुंचाशगुफ़्तगीमुस्कान
