शब्दार्थ
खिलने
khilne
hiverb
अर्थ
कली या फूल का विकसित होना या प्रस्फुटित होना।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'खिलना' कली के फूल बनने अथवा दिल के प्रफुल्लित होने या घाव के खुलने का प्रतीक है। इस शेर में कली का खिलना शायर के लहूलुहान और खोए हुए दिल की व्यथा को उजागर करता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit मूल 'फुल्ल' (phulla - प्रस्फुटित) अथवा 'स्फुटति' से प्राकृत के माध्यम से व्युत्पन्न।
प्रयोग
In classical ghazal, the verb is frequently paired with 'ghuncha' (bud) or 'dil' (heart) to contrast spring's joy with the lover's sorrow.
उदाहरण
गुलशन में नया गुल खिलने लगा।
सहर होते ही हर कली के खिलने की रुत आई।
समानार्थी
विकसित होनाप्रस्फुटित होनामुस्कुराना
संबंधित शब्द
खिलनाग़ुंचाकलीबहार
