शब्दार्थ
खुलती
khultī
hiverb (feminine singular imperf
अर्थ
उघड़ती या खुलती है; जागती है।
विस्तार
इस शे'र में 'खुलती' का अर्थ रात के सन्नाटे में नींद टूटने और आँख खुलने से है। यह महबूब की जुदाई में अचानक बेदारी और तन्हाई के एहसास को दर्शाता है। आँख खुलते ही हिज्र की लंबी और बेचैन रात का सामना होता है।
व्युत्पत्ति
Derived from Sanskrit 'खुल्ल' (khulla) or Prakrit roots related to opening/uncovering, leading to Hindi/Urdu 'खुलना / کھلنا'.
प्रयोग
In Urdu poetry, 'आँख खुलना' frequently signifies the painful awakening from dreams into the stark reality of separation.
उदाहरण
खुलती है आँख तो हर सू उदासी दिखाई देती है।
खुलती नहीं अब किसी बात पर उसकी ज़ुबान।
समानार्थी
उघड़तीवा होतीजागती
संबंधित शब्द
खोलनाखुलाखुलना
