शब्दार्थ
ख़ल्लाक़ी
khallāqī
अर्थ
सृजनशीलता, रचना-शक्ति या असीम कल्पनाशक्ति।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'ख़ल्लाक़ी' का अर्थ सृजनशीलता अथवा नई सृष्टि रचने की मानसिक क्षमता है। इस शे'र में यह शायर की कल्पना (तख़य्युल) की उस ताक़त को दर्शाता है जो हक़ीक़त से परे दुनिया और संभावनाएँ गढ़ लेती है। यह शब्द मूलतः ईश्वरीय गुण 'ख़ल्लाक़' (सृजनकर्ता) से प्रेरित होकर मानवीय रचना-शक्ति के लिए प्रयुक्त होता है।
व्युत्पत्ति
Arabic, derived from the root خ-ل-ق (kh-l-q, 'to create'), through 'khallāq' (the Supreme Creator) with the abstract noun suffix '-ī'.
प्रयोग
In classical poetry, it frequently collocates with words like 'takhayyul' (imagination) or 'zehn' (mind) to highlight the poet's quasi-divine power of artistic creation.
उदाहरण
तख़य्युल की ख़ल्लाक़ी से नए जहाँ बन गए
फ़नकार के हुनर में उसकी ख़ल्लाक़ी नुमायाँ है
