शब्दार्थ
खिल
khil
hiverb
अर्थ
फूल की तरह विकसित होना या प्रस्फुटित होना।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में 'खिल' का अर्थ कली का फूल बनकर प्रस्फुटित होना है। प्रस्तुत शेर में यह शब्द आँखों के दाग़ों या ज़ख़्मों के नरगिस की तरह खिलने के लिए रूपक के रूप में प्रयुक्त हुआ है। यह पीड़ा और सौन्दर्य के काव्यात्मक अंतर्संबंध को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Derived from Prakrit / Sanskrit roots related to blossoming (cognate with Sanskrit 'phulla' / 'khila').
प्रयोग
Frequently deployed in ghazal imagery to liken bloody wounds or opening hearts to fresh garden blossoms.
उदाहरण
एक सब्ज़ा सा खिल रहा है दिल
ज़ख़्म-ए-जिगर का यूँ खिल जाना
समानार्थी
विकसित होनाप्रस्फुटित होनाफूलना
संबंधित शब्द
खिलनाखिलावटगुंचाशगुफ़्ता
