शब्दार्थ
खुली
khuli
hiverb (past participle) / adjec
अर्थ
उघड़ी हुई, अनावृत या खुली हुई (स्त्रीलिंग रूप)।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'खुली' का तात्पर्य आवरण हटने, अनावृत होने या ज़ख़्म के चाक होने से है। इस शेर में यह आशिक़ के सीने के खुलने और ज़ख़्मों के बेपर्दा होने को दर्शाता है ताकि उन पर नमक छिड़का जा सके। यह आशिक़ की विवशता और ज़ख़्म की नुमाइश के बेमज़ा होने को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit phullati (blossoms, opens) via Prakrit khulla-, evolving into Hindustani khulnā.
प्रयोग
Commonly used in ghazal poetry for unveiled faces, opened tresses, unsealed wounds, or divulged inner secrets.
उदाहरण
खुली जो आँख तो मंज़र बदल गया
ज़ख़्म-ए-जिगर की खुली दास्ताँ
समानार्थी
वाउघड़ीअनावृतकुशादा
संबंधित शब्द
खोलनाखुलाखुलनाबे-पर्दा
