शब्दार्थ

खोल

khol

hiverb

अर्थ

खोलना, उन्मुक्त करना, विस्तार देना।

विस्तार

मूल रूप से इसका अर्थ किसी बंधी हुई वस्तु को खोलना या मुक्त करना है। प्रस्तुत शेर में यह 'दिल खोल के' मुहावरे के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जिसका अर्थ बिना किसी संकोच के और पूरी उदारता से अभिव्यक्त करना है। यह कवि के भावों और कल्पना के असीम विस्तार को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Sanskrit 'खुल्ल' (khulla) or Prakrit roots leading to Old Hindi/Hindustani 'खोलना' (kholnā).

प्रयोग

In classical ghazals, 'khol' frequently forms idioms like 'dil khol ke' (open-heartedly) or evokes the literal unveiling of knots, secrets, and garments.

उदाहरण

दिल खोल के रोए तो सुकून आया

ज़ुल्फ़ की गिरहें खोल दीं उसने

समानार्थी

वा करनाउघाड़नासुलझाना

संबंधित शब्द

खोलनाखुलाखुलावट
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