शब्दार्थ
ख़िरद-मंदी
khirad-mandi
hinoun
अर्थ
बुद्धिमानी, समझदारी, अक़्लमंदी।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'ख़िरद-मंदी' का अर्थ अक़्ल, विवेक और दुनियावी समझदारी से है, जिसे अक्सर इश्क़ के दीवानेपन के मुक़ाबले में रखा जाता है। इस शे'र में अक़्लमंदी को एक 'ज़ंजीर' यानी रुकावट कहा गया है जो दीवानेपन के बेफ़िक्र आनंद को सीमित कर देती है। यहाँ शायर विवेक को बंधन और दीवानगी को आज़ादी का स्रोत मानता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'khirad' (intellect, wisdom) and the suffix '-mand' (possessor of), followed by the abstract noun suffix '-i'.
प्रयोग
In the ghazal tradition, khirad-mandi is usually cast in opposition to junun (passion) and seen as an obstacle to transcendent love.
उदाहरण
ख़िरद-मंदी की ज़ंजीर
ख़िरद-मंदी का फ़रेब
समानार्थी
अक़्लमंदीदानाईफ़हमहोश्यारी
संबंधित शब्द
ख़िरदख़िरदमंददीवाना-पनजुनूँ
