शब्दार्थ
ख़ारा-शिकनी
khārā-shikanī
hinoun
अर्थ
कठोर पत्थर या चट्टान को काटना अथवा तोड़ना।
विस्तार
इसका शाब्दिक अर्थ अत्यंत कठोर पत्थर या चट्टान को तोड़ना है। उर्दू और फ़ारसी शायरी में यह फ़रहाद की उस प्रसिद्ध कोहकनी का प्रतीक है जो उसने शीरीं के प्रेम में की थी। इस शे'र में यह शारीरिक निर्बलता के बावजूद प्रेम से उत्पन्न असाधारण शक्ति को प्रकट करता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound from 'khārā' (hard stone, granite) + 'shikanī' (breaking, from the verb shikastan).
प्रयोग
Commonly used in ghazal poetry as an archetype for attempting near-impossible tasks fueled purely by love and devotion.
उदाहरण
इश्क़ में ख़ारा-शिकनी कोई आसान काम न था
ख़ारा-शिकनी का हुनर तिश्नगी-ए-शौक़ ने सिखाया
समानार्थी
संग-शिकनीकोह-शिकनीपत्थर-तराशी
संबंधित शब्द
कोहकनीसंगतराशीतीशाफ़रहाद
