शब्दार्थ
ख़राबात-नशीं
kharaabaat-nasheen
अर्थ
मयख़ाने या खंडहर में रहने वाला; शराबी या मस्त-मलंग।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'ख़राबात-नशीं' का शाब्दिक अर्थ मयख़ाने या खंडहरों में बसने वाला है। प्रतीकात्मक रूप से यह पाखंडी धर्मपरायणता को त्यागकर रूहानी मस्ती में लीन रहने वाले 'रिंद' या सूफ़ी को दर्शाता है। मीर के इस शे’र में यह व्यंग्य प्रकट करता है कि जो कल तक मयख़ाने में पड़ा रहता था, वह आज अचानक मस्जिद का इमाम बन बैठा है।
व्युत्पत्ति
Arabic 'kharābāt' (taverns, ruins; plural of kharāba) compounded with the Persian active participle '-nashīn' (from 'nishastan', to sit or inhabit).
प्रयोग
Frequently juxtaposed with orthodox figures like the 'zaahid', 'shaikh', or 'imaam' to celebrate honest spiritual unorthodoxy over pious hypocrisy.
उदाहरण
ख़राबात-नशीं को क्या परवाह मिंबर-ओ-मेहराब की
कल का ख़राबात-नशीं आज बना बैठा है वाइज़
