शब्दार्थ
ख़र्च
kharch
hinoun
अर्थ
व्यय, लागत, निकास या ख़र्च होना।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू में 'ख़र्च' का अर्थ व्यय, लागत या किसी वस्तु का निकास व क्षय है। प्रस्तुत शेर में 'जम' (जमा) के साथ मिलकर 'जम-ओ-ख़र्च' (आय-व्यय या लेखा-जोखा) के रूप में यह दरिया के कुल बहाव और निकासी को दर्शाता है। यहाँ शायर अपने आँसुओं की तुलना महज़ दिल की हसरत से नहीं, बल्कि पूरे दरिया के निकास से करता है।
व्युत्पत्ति
From Arabic خَرْج (kharj), meaning 'exit, outflow, expenditure'.
प्रयोग
Frequently combined with 'jam' in ghazal poetry to invoke the metaphor of financial accounting for existential or emotional balance.
उदाहरण
दिल का सारा ख़र्च अश्कों में बह गया
हयात के जम-ओ-ख़र्च का हिसाब न पूछ
समानार्थी
व्ययलागतसरफ़
संबंधित शब्द
जम-ओ-ख़र्चख़र्चाइख़राजात
