शब्दार्थ

ख़ार-ख़ार

khār-khār

hinoun

अर्थ

लगातार चुभन, ख़लिश या तीव्र बेचैनी।

विस्तार

उर्दू और फ़ारसी शायरी में 'ख़ार-ख़ार' का प्रयोग लगातार होने वाली चुभन, आंतरिक ख़लिश या बेचैन तड़प के लिए होता है। प्रस्तुत शे'र में यह शब्द तकल्लुफ़ (औपचारिकता) की उस तीखी चुभन को दर्शाता है जो बेक़रारी की गुज़ारिश पर काँटा बनकर गड़ती है। यह लफ़्ज़ शारीरिक चुभन और मानसिक वेदना दोनों की कैफियत को एक साथ दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Persian (خار + خار, reduplication of 'khār' meaning thorn or prickle).

प्रयोग

Commonly used in ghazals to signify nagging emotional irritation or the acute prickle of suppressed desire.

उदाहरण

दिल में तमन्ना का एक ख़ार-ख़ार सा बाकी रहा।

तन्हाई में उस बात का ख़ार-ख़ार चैन छीन लेता है।

समानार्थी

ख़लिशचुभनबेक़रारीतड़प

संबंधित शब्द

ख़ारसोज़नइल्तिमासअंगुश्त
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