शब्दार्थ
ख़ार
khaar
hinoun, masculine
अर्थ
काँटा, शूल या चुभन।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'ख़ार' का अर्थ काँटा है, जिसे आमतौर पर 'गुल' (फूल) के विपरीत कष्ट या पीड़ा के प्रतीक के रूप में बाँधा जाता है। इस शेर में यह एक मामूली सी चुभन का प्रतीक है, जो आशिक़ की लाचारी को दिखाता है कि वह एक काँटे का दर्द भी नहीं सह सकता फिर भी महबूब की तीखी पलकों का सामना करने की तमन्ना रखता है।
व्युत्पत्ति
Persian (خار - khār), meaning thorn, bramble, or thistle.
प्रयोग
A quintessential ghazal trope used contrastively with 'gul' (rose) to symbolize suffering, longing, or rivalry in love.
उदाहरण
दश्त-ए-वहशत में हर क़दम पर ख़ार मिले।
गुल के पहलू में ख़ार का होना तय है।
समानार्थी
काँटाशूलकंटक
संबंधित शब्द
ख़ार-ज़ारगुल-ओ-ख़ारख़ार-पुश्त
