शब्दार्थ
ख़्याल
Khayal
hinoun, masculine
अर्थ
विचार, कल्पना, ध्यान अथवा सोच।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'ख़्याल' का अर्थ विचार, मानसिक छवि, कल्पना या महबूब का ध्यान होता है। प्रस्तुत शेर में 'ख़्याल-ए-मू' (बाल या नाज़ुक कमर का विचार) के माध्यम से यह एक अत्यंत बारीक और सूक्ष्म सोच को दर्शाता है जिसने आशिक़ को भी घुलाकर वहम बना दिया है। यह प्रेम की गहरी तन्मयता और आत्म-विस्मृति को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic origin from 'خيال' (khayāl), signifying phantom, imagination, mental image, or illusion.
प्रयोग
A foundational concept in ghazal poetry representing contemplation of the divine or the beloved that often borders on obsessive illusion.
उदाहरण
तिरे ख़्याल में गुज़री तमाम रात
इक ख़्याल-ए-ख़ाम दिल में बसाए हुए
समानार्थी
तसव्वुरध्यानसोचग़ुमान
संबंधित शब्द
ख़्यालीवहशतीफ़िक्र
