शब्दार्थ
ख़ामा-फ़रसा
khaama-farsa
hiadjective / noun
अर्थ
क़लम घिसने वाला; लिखने वाला; लेखक या लेखन।
विस्तार
शाब्दिक अर्थ में इसका तात्पर्य 'क़लम घिसने वाला' अथवा लेखन का श्रम करने वाला है। प्रस्तुत शेर में 'ज़ौक़-ए-ख़ामा-फ़रसा' का अर्थ लिखने की तीव्र ललक या क़लम चलाने का ऐसा शौक़ है जो व्यर्थ होते हुए भी नहीं छूटता। यह शब्द आशिक़ की उस बेबसी को दर्शाता है जहाँ वह महबूब के जवाब की उम्मीद न होने पर भी ख़त लिखता रहता है।
व्युत्पत्ति
Persian: composed of 'khaama' (خامہ, pen/reed) + 'farsaa' (فرسا, active participle stem of farsuudan, to rub, wear out, or exhaust).
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, it is frequently employed in genitive constructions (e.g., 'zauq-e-khaama-farsa') to emphasize the obsessive yet futile toil of writing love letters.
उदाहरण
ख़ामा-फ़रसाई-ए-शौक़
दस्त-ए-ख़ामा-फ़रसा
समानार्थी
क़लम-कशनामा-निगारकातिब
संबंधित शब्द
ख़ामा-फ़रसाईख़ामारक़म
