शब्दार्थ

ख़म-चम

kham-cham

hinoun

अर्थ

बाँकपन, नाज़-ओ-अंदाज़, ऐंठन या कमान का घुमाव।

विस्तार

यह शब्द वक्रता, घुमाव तथा लाक्षणिक रूप से नाज़-नख़रे, बाँकपन या टेढ़ेपन को दर्शाता है। प्रस्तुत शेर में यह भौंह रूपी कमान के घुमाव और माशूक़ के नख़रे अथवा छल-कपट दोनों पर लागू होता है। कमान में ताक़त तो बहुत थी, मगर उसमें अत्यधिक टेढ़ापन या पेच-ओ-ख़म मौजूद है।

व्युत्पत्ति

Persian: compound of 'kham' (bend, curve) and 'cham' (graceful gait, strut, coquetting).

प्रयोग

Frequently used in classical Urdu poetry for double-entendre involving the beloved's curved eyebrows, curls, or coquettish attitude.

उदाहरण

कमाँ का ख़म-चम ही तीर को भटका देता है।

उनकी चाल में इक ख़ास ख़म-चम नज़र आता है।

समानार्थी

बाँकपननाज़-ओ-अंदाज़कजीऐंठन

संबंधित शब्द

ख़मपेच-ओ-ख़मकमाँअबरू
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