शब्दार्थ

ख़ामी

khāmī

hinoun

अर्थ

कच्चापन, अनुभवहीनता, कमी या नुक़्स।

विस्तार

'ख़ामी' का शाब्दिक अर्थ कच्चापन या अपरिपक्वता है, जो किसी दोष, कमी या अनुभवहीनता को दर्शाता है। प्रस्तुत शेर में यह 'पुख़्ता-कार' (अनुभवी जुआरियों) के विपरीत प्रयुक्त होकर हाथ की नौसिखिएपन या अनाड़ीपन को व्यक्त करता है। शायरी में यह अक्सर परिपक्वता (पुख़्तगी) के विलोम के रूप में बरती जाती है।

व्युत्पत्ति

Persian, from 'khām' (raw, unripe, inexperienced) with the abstract nominal suffix '-ī'.

प्रयोग

In classical Urdu ghazal, it is frequently paired in opposition with 'pukhtagī' to illustrate the transition from amateurish vulnerability to spiritual or poetic maturity.

उदाहरण

हाथ की ख़ामी

शौक़ की ख़ामी

समानार्थी

कच्चापननापुख़्तगीनुक़्सकमी

संबंधित शब्द

ख़ामपुख़्तापुख़्तगी
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