शब्दार्थ
ख़ाम
khām
hiadjective
अर्थ
कच्चा, अपरिपक्व, व्यर्थ, या नादानी भरा।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ कच्चा या अधपका होता है, किंतु शायरी में यह अक्सर अपरिपक्वता, व्यर्थता अथवा भ्रम के अर्थ में प्रयुक्त होता है। इस शे'र में 'ख़याल-ए-ख़ाम' का आशय एक नादान, झूठी या व्यर्थ उम्मीद से है जो महबूब के वादों पर भरोसा करने से पैदा हुई।
व्युत्पत्ति
Persian (خام), meaning raw, crude, unripe, or inexperienced.
प्रयोग
In the ghazal tradition, it is most often paired with 'khayal' (khayal-e-kham) to lament naive expectations or futile delusions in love.
उदाहरण
ख़याल-ए-ख़ाम में उम्र गँवा दी
पुख़्ता-ओ-ख़ाम की पहचान
समानार्थी
कच्चानापुख़्ताबातिलअपरिपक्व
संबंधित शब्द
ख़ामीपुख़्ताख़याल-ए-ख़ाम
