शब्दार्थ
ख़ामा
khaama
hinoun, masculine
अर्थ
क़लम, नरकट की लेखनी।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ क़लम या नरकट की लेखनी है। शायरी में यह रचना-प्रक्रिया, अभिव्यक्ति तथा भाग्य-लेखन का प्रतीक बनकर आता है। प्रस्तुत शे'र में 'सरीर-ए-ख़ामा' से तात्पर्य काग़ज़ पर चलते क़लम की वह आवाज़ है जिसकी तुलना दिल के दरवाज़े की चरमराहट से की गई है।
व्युत्पत्ति
Persian (خامه - khāmah), meaning reed pen or stylus.
प्रयोग
In classical Urdu poetry, it is most often used in the genitive construction 'sareer-e-khaama' to celebrate the auditory pleasure of artistic labor.
उदाहरण
सरीर-ए-ख़ामा की दिलकश सदा
ख़ामा-ए-क़ुदरत की लिखी तहरीर
समानार्थी
क़लमकिल्कलेखनी
संबंधित शब्द
सरीर-ए-ख़ामादवातरक़मकाग़ज़
