शब्दार्थ

ख़ूब-रूई

khūb-rū'ī

hinoun, feminine

अर्थ

मुख-सौंदर्य, हुस्न या सुंदरता।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में इसका अर्थ मुख-सौंदर्य और चेहरे का निखार है। इस शेर में यह 'मस्तूरी' (पर्दा या छिपाव) के विरोध में प्रयुक्त हुआ है, जिसका आशय है कि सौंदर्य कभी छिपकर नहीं रह सकता क्योंकि उसकी फितरत इज़हार (प्रकटीकरण) है। यह हुस्न और परदे के परस्पर द्वंद्व को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Persian compound formed from 'khūb' (beautiful, fine), 'rū' (face), and the abstract noun suffix '-ī'.

प्रयोग

Commonly used in ghazals to evoke the irresistible allure of the beloved that inevitably breaks through the veil.

उदाहरण

उनकी ख़ूब-रूई का चर्चा सारे शहर में था।

ख़ूब-रूई और पर्दे का साथ कभी मुमकिन नहीं होता।

समानार्थी

हुस्नजमालसुंदरताज़ेबाई

संबंधित शब्द

ख़ूब-रूख़ूबीरू-ए-ज़ेबा
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