शब्दार्थ
ख़ौफ़
khauf
hinoun
अर्थ
डर, भय, आशंका या दहशत।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'ख़ौफ़' का तात्पर्य डर, भय या आशंका से है। प्रस्तुत शेर में 'ख़ौफ़-ए-रक़ीब' के रूप में यह प्रतिद्वंद्वी के विघ्न डालने के उस भय को दर्शाता है जो मिलन के पलों में भी आशिक़ को मुज़्तरिब (बेचैन) बनाए रखता है। यह प्रेम की नाज़ुक स्थिति और प्रेमी की मानसिक व्यग्रता को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic root kh-w-f (خ-و-ف), conveying fear, apprehension, or fright.
प्रयोग
In ghazals, 'khauf' commonly forms idafah constructs expressing social anxieties like 'khauf-e-ruswa'i' (fear of disgrace) or romantic dread like 'khauf-e-hijr' (fear of separation).
उदाहरण
ख़ौफ़-ए-रुसवाई ने लब खोलने न दिए।
इश्क़ में मौत का ख़ौफ़ नहीं रहता।
समानार्थी
डरभयदहशतहिरास
संबंधित शब्द
ख़ौफ़नाकख़ौफ़-ज़दाबे-ख़ौफ़अंदेशा
