शब्दार्थ

ख़ानमाँ-बर्बाद

khānamañ-barbād

hiadjective

अर्थ

बेघर, उजड़ा हुआ, जिसका घर-बार नष्ट हो चुका हो।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'ख़ानमाँ-बर्बाद' उस आशिक़ या दरवेश को कहते हैं जिसका घर-बार पूरी तरह उजड़ चुका हो। प्रस्तुत शेर में यह शब्द सांसारिक सुरक्षा को त्यागने और बेघरी के अनोखे आनंद (लज़्ज़त) को दर्शाता है। यहाँ अपने बनाए आशियानों को ख़ुद खाक कर देने की फकीराना शान अभिव्यक्त हुई है।

व्युत्पत्ति

Persian compound of 'khān-o-mān' (house, household goods, family) and 'barbād' (given to the wind, ruined).

प्रयोग

In the ghazal tradition, it is frequently employed as an epithet of pride for the passionate lover who gladly destroys his own home for the freedom of wilderness.

उदाहरण

ख़ानमाँ-बर्बाद आशिक़ों की बस्ती

दिल जो हुआ ख़ानमाँ-बर्बाद

समानार्थी

बे-घरतबाह-हालउजड़ाखाना-ख़राब

संबंधित शब्द

ख़ानमाँबर्बादनशेमनआशियाना
← शब्दकोश पर वापस