शब्दार्थ
ख़ानका
khānqā
अर्थ
सूफ़ियों का आश्रम, मठ या इबादतगाह।
विस्तार
ख़ानक़ाह सूफ़ी साधकों का मठ या वह स्थान है जहाँ तपस्या और ज़िक्र-ओ-अज़कार किए जाते हैं। इस शे’र में यह विरक्ति, उदासी और ज़ाहिदाना एकांत के प्रतीक के रूप में आया है, जिसका मुक़ाबला 'सनम-कदे' (माशूक़ के आशियाने) से किया गया है। शायर यह बयान करता है कि रूहानी एकांत की उदासियों से गुज़रने के बाद दिल को महबूब के दर पर ही सुकूँ हासिल हुआ।
व्युत्पत्ति
Persian 'ख़ाना-गाह' (ख़ाना 'घर' + गाह 'स्थान'), अरबीकृत होकर 'ख़ानक़ाह' और उर्दू शायरी में वज़्न की ज़रूरत से 'ख़ानक़ा' बना।
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, the khanqah is frequently set in conventional opposition to the maykhana (tavern) or sanam-kada (temple), symbolizing orthodox piety and solemn asceticism versus ecstatic love.
उदाहरण
छोड़ कर ख़ानक़ाह को मयख़ाने का रुख़ किया
ख़ानक़ाह की ख़ामोशी और दरवेशों का ज़िक्र
