शब्दार्थ
ख़िदमत
khidmat
hinoun
अर्थ
सेवा, चाकरी, टहल या सौंपा गया कार्य।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'ख़िदमत' का अर्थ सेवा, हाज़िरी या कोई निर्धारित दायित्व होता है। इस शे'र में यह क़फ़स में बंद होने पर मिले काम यानी नालगी (विलाप करने) की ज़िम्मेदारी को दर्शाता है। कवि व्यंग्यात्मक ढंग से क़ैद में चीख़ने-चिल्लाने को भी एक आधिकारिक सेवा के रूप में प्रस्तुत करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic (root kh-d-m, meaning to serve or attend upon), entering Urdu through Persian.
प्रयोग
Commonly employed in the ghazal to denote devotion to the beloved or spiritual guide, as well as ironically for an imposed trial or sorrow.
उदाहरण
ख़िदमत-ए-यार में हर साँस गुज़ार दी हमने।
क़ैद में नाल-ओ-फ़ग़ाँ की ही ख़िदमत मिली हमें।
समानार्थी
सेवाचाकरीटहलफ़रीज़ा
संबंधित शब्द
ख़ादिमख़िदमतगारमंसबमुलाज़िम
