शब्दार्थ
ख़ुद-निगह-दारी
khud-nigah-dārī
hinoun, feminine
अर्थ
आत्म-निगरानी, आत्म-संयम अथवा अपनी हिफ़ाज़त करना।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में यह शब्द आत्म-संयम, अपनी देखरेख या अहम् की हिफ़ाज़त के अर्थ में प्रयुक्त होता है। प्रस्तुत शे'र में यह वह सचेत सावधानी है जो इश्क़ के असीम दरिया में साहिल बनकर उसकी बेकराँ रफ़्तार को सीमित कर सकती है। यहाँ आशिक़ को भय है कि उसका आत्म-मोह फ़ना होने के मार्ग में बाधा न बन जाए।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'khud' (self) + 'nigah' (sight/care) + 'dari' (holding/keeping).
प्रयोग
Commonly used in Sufi and philosophical ghazals as an emblem of ego-consciousness that opposes mystical self-annihilation.
उदाहरण
इश्क़ के तूफ़ान में उसने ख़ुद-निगह-दारी छोड़ दी।
ये ख़ुद-निगह-दारी दिल का राज़ ज़बाँ पर आने नहीं देती।
समानार्थी
ख़ुद-दारीएहतियातपास-ए-आबरू
संबंधित शब्द
ख़ुदीनिगहबानबे-ख़ुदीसाहिल
