शब्दार्थ
ख़ुद-आराई
khud-ārā'ī
hinoun
अर्थ
स्वयं को सजाना, आत्म-श्रृंगार या बनाव-सिंगार।
विस्तार
इसका शाब्दिक अर्थ है स्वयं को सजाना-संवारना या रूप-सज्जा करना। ग़ज़ल में यह प्रायः महबूब की आईने के सामने आत्म-मुग्धता और बनाव-सिंगार को व्यक्त करता है। प्रस्तुत शे'र में यह कसरत-ए-हुस्न और तमाशे के निरंतर सजने-संवरने के भाव को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'khud' (self) and 'ārā' (stem of ārāstan, to adorn) with the abstract noun suffix '-ī'.
प्रयोग
In Urdu ghazals, this term typically characterizes the beloved's vanity or aloof self-absorption in front of a mirror, indifferent to the suffering admirer.
उदाहरण
आईने के सामने ख़ुद-आराई में गुम
ख़ुद-आराई का शौक़ और बे-ख़बर महबूब
समानार्थी
बनाव-सिंगारआत्म-श्रृंगारख़ुद-पसंदी
संबंधित शब्द
ख़ुद-बीनीख़ुद-नुमाईआईनाआराइश
