शब्दार्थ

ख़ुदी

khudī

hinoun, feminine

अर्थ

आत्मबोध, आत्म-सम्मान, निजता अथवा अहंता।

विस्तार

उर्दू काव्य-परंपरा में 'ख़ुदी' का अर्थ अहंकार के स्थान पर आत्म-सम्मान, निजता और आत्म-साक्षात्कार होता है। प्रस्तुत शेर में यह मनुष्य की प्रतिष्ठा और आत्म-गौरव का प्रतीक है, जिसके रहने से मनुष्य राजा के समान गरिमामय रहता है और इसके मिटने से जीवन कलंकित हो जाता है।

व्युत्पत्ति

Persian 'khudī' (خودی), formed from 'khud' (self) with the abstract noun suffix '-ī'.

प्रयोग

While early Sufi poetry occasionally treated it as base ego to be annihilated, Iqbal and modern poets redefined it as elevated self-affirmation and moral agency.

उदाहरण

ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले

तिरी ज़िंदगी इसी से तिरी आबरू इसी से

समानार्थी

आत्म-सम्मानअनाआत्मबोधख़ुद-शनासी

संबंधित शब्द

ख़ुदख़ुद-दारीबे-ख़ुदीख़ुद-आगाही
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