शब्दार्थ
ख़ता
khatā
hinoun
अर्थ
भूल, चूक, क़सूर या निशाने से चूकना।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'ख़ता' का अर्थ सामान्यतः भूल, अपराध या चूक होता है। इस शे'र में यह विशेष रूप से तीर के निशाने से चूक जाने ('तीर ख़ता होना') के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है। यहाँ आशिक़ की समर्पण भावना दिखाई गई है जो ख़ता हुए तीर को ख़ुद उठाकर लाता है ताकि माशूक़ फिर वार कर सके।
व्युत्पत्ति
Arabic (خَطَأ, khaṭa'), denoting an error, fault, or missing a mark.
प्रयोग
In ghazal poetry, it is widely utilized both in the moral sense of a lover's supposed guilt and in archery metaphors for unfulfilled blows of cruelty.
उदाहरण
तीर ख़ता होना
मेरी ख़ता माफ़ करना
समानार्थी
चूकग़लतीक़ुसूरलग़्ज़िश
संबंधित शब्द
ख़तावारबे-ख़ताख़ता-बख़्श
