शब्दार्थ
ख़िज़्र
Khizr
hinoun (proper noun)
अर्थ
भटके हुओं को राह दिखाने वाले अमर पैगंबर
विस्तार
ख़िज़्र इस्लामी और सूफ़ी परंपरा के एक अमर पैगंबर हैं, जिन्होंने आब-ए-हयात (अमृत) पिया था और जो भटके हुओं की रहनुमाई करते हैं। शायरी में उन्हें पूर्ण मार्गदर्शक का प्रतीक माना जाता है। इस शे'र में सिकंदर और ख़िज़्र के क़िस्से की तल्मीह (संकेत) के ज़रिए शायर ने ख़िज़्र की रहनुमाई पर ही व्यंग्य करते हुए सवाल उठाया है।
व्युत्पत्ति
Arabic (al-Khiḍr), literally 'the green one', from the root kh-ḍ-r denoting greenness or freshness.
प्रयोग
In ghazal poetry, Khizr is often invoked as the ultimate spiritual guide, though poets frequently subvert his legend to claim independence or lament the futility of human guidance.
उदाहरण
ख़िज़्र भी रस्ता न दिखला सका सहरा-ए-तलब में
मिन्नत-ए-ख़िज़्र न कर जब तिरा दिल रहबर है
समानार्थी
रहनुमारहबरहादीमार्गदर्शक
संबंधित शब्द
आब-ए-हयातसिकंदरज़ुल्मातरहनुमाई
