शब्दार्थ

खोज

khoj

hinoun

अर्थ

सुराग़, पता, पदचिह्न या निशान।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'खोज' का अर्थ सुराग़, पता या पदचिह्न होता है। इस शेर में इसका आशय यह है कि राह-ए-फ़ना पर चलने के बाद हस्ती का ज़रा सा भी निशान या सुराग़ बाक़ी नहीं रहेगा। यह अस्तित्व के पूरी तरह मिट जाने और बे-निशान हो जाने की स्थिति को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

From Sanskrit roots related to tracking or seeking, developed via Prakrit into Hindustani.

प्रयोग

Frequently used in Urdu ghazal to convey themes of absolute self-effacement, vanishing without footprints, or the elusive quest for the beloved.

उदाहरण

मिट गए ऐसे कि कोई खोज भी पाया न गया।

सहरा में भटकते रहे पर उनका कोई खोज न मिला।

समानार्थी

सुराग़निशानपतानक़्श-ए-पा

संबंधित शब्द

खोजनाबे-निशानगुमशुदगी
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