शब्दार्थ
खींचना
kheenchna
hiverb
अर्थ
चित्र बनाना, रेखा उकेरना, अथवा तलवार म्यान से निकालना।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में 'खींचना' तस्वीर या लकीर बनाने, तलवार म्यान से निकालने तथा रंज-ओ-ग़म सहने के अर्थ में आता है। प्रस्तुत शे'र में इसका प्रयोग ज़ू-मा'नी (द्व्यर्थी) अंदाज़ में हुआ है, जहाँ माशूक़ की भौंह को तलवार जैसी मानकर चेहरे पर तलवार का चित्र बनाना और तलवार तानना दोनों अर्थ एक साथ प्रकट होते हैं। यह विधाता की चित्रकारी और माशूक़ के क़ातिलाना हुस्न के प्रभाव को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Derived from Sanskrit कर्षति (karṣati, 'pulls, draws, plows') / कृष् (kṛṣ) through Prakrit.
प्रयोग
A poetic staple frequently coupled with 'tasveer' (drawing a likeness), 'shamshir' (unsheathing a sword), or 'dard-o-ranj' (bearing afflictions).
उदाहरण
दिल पे तस्वीर-ए-अलम खींचना
निगाह-ए-ग़ज़ब की शमशीर खींचना
समानार्थी
उकेरनाबनानाताननासूतना
संबंधित शब्द
खिंचावतस्वीरशमशीरनक़्श
