शब्दार्थ
खींचिए
kheenchiye
hiverb
अर्थ
सहन करना, भुगतना, झेलना अथवा खींचना।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'खींचना' क्रिया जब 'रंज' (दुःख) अथवा 'तकलीफ़' के साथ आती है, तो इसका अर्थ झेलना, सहना या भुगतना होता है। प्रस्तुत शे'र में शायर पूछता है कि सफ़र की तकलीफ़ें क्यों झेली जाएँ जब लाचारी और थकावट ही मंज़ूर है। यहाँ यह किसी तकलीफ़ को निरंतर बर्दाश्त करने के भाव को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Derived from Sanskrit root कृष् (kṛṣ, to pull or drag) through Prakrit into Hindustani खींचना (khīñchnā).
प्रयोग
Commonly paired in ghazals with nouns of distress (e.g., 'रंज खींचना', 'मिहनत खींचना') to denote the prolonged enduring of pain.
उदाहरण
रंज-ए-फ़िराक़ खींचिए
बार-ए-गिराँ क्यूँ खींचिए
समानार्थी
झेलनासहनाबर्दाश्त करनाउठाना
संबंधित शब्द
खींचनारंजकशिशख़िंचाव
