शब्दार्थ
खींचूँ
kheenchun
hiverb
अर्थ
सहन करूँ, नखरे उठाऊँ या झेलूँ।
विस्तार
यहाँ यह 'नाज़ खींचना' (नाज़-ओ-नख़रे सहना या उठाना) के रूप में प्रयुक्त हुआ है। इस शेर में आशिक़ तमन्ना करता है कि वह महबूब के नख़रों की महज़ हसरत रखने के बजाय साक्षात उसके नाज़ उठाए। यह प्रेमिका के नाज़ उठाने की मीठी पीड़ा और समर्पण को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Derived from Sanskrit 'कृष्' (kṛṣ, to pull, drag, draw) through Prakrit into Hindavi/Urdu 'खींचना'.
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, 'खींचना' is frequently paired with nouns like 'नाज़', 'दर्द', or 'तीर' to depict enduring suffering or indulging the beloved's pride.
उदाहरण
नाज़ खींचना गवारा है
कब तक यह दर्द खींचूँ
समानार्थी
उठाऊँसहूँझेलूँ
संबंधित शब्द
खींचनाखिंचावकशिश
