शब्दार्थ
ख़ाकसारी
khaaksaari
hinoun
अर्थ
विनम्रता, दीनता या आत्म-समर्पण का भाव।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'ख़ाकसारी' का अर्थ चरम विनम्रता, दीनता और ख़ुद को मिटा देने का भाव है। प्रस्तुत शे'र में यह दिल की उलझन को सुलझाने के लिए बाँधे गए आत्म-समर्पण और आजिज़ी के अहद (संकल्प) को दर्शाता है। यह आशिक़ के उस स्वभाव को प्रकट करता है जहाँ वह अहंकार त्यागकर अपनी हस्ती को धूल समान बना लेता है।
व्युत्पत्ति
Persian, from 'khāk' (dust/earth) + '-sār' (possessing the quality of) + noun suffix '-ī'.
प्रयोग
Commonly employed in the ghazal tradition to depict the lover's eradication of worldly pride at the beloved's threshold.
उदाहरण
मंज़िल-ए-इश्क़ में ख़ाकसारी ही काम आई।
दामन-ए-ख़ाकसारी को थामे ज़िंदगी गुज़र गई।
समानार्थी
इन्किसारीआजिज़ीफ़रू-तनीतवाज़ो
संबंधित शब्द
ख़ाकख़ाकसारख़ाक-नशीं
