शब्दार्थ
ख़ाकिस्तर-नशीनी
khaakistar-nasheeni
hinoun
अर्थ
राख में बैठने की दशा; बर्बादी, विवशता या ख़ाकसारी।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'ख़ाकिस्तर-नशीनी' का आशय राख पर बैठने की उस अवस्था से है जो अत्यधिक विरह, फ़ना, शोक या दीनता को दर्शाती है। इस शेर में यह आग के बुझकर राख में सिमट जाने और शांत हो जाने की बेबसी को बयान करती है। यह धुएँ के उफ़ान के विपरीत आग की अंतिम लाचारी और शांति का प्रतीक है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'khākistar' (ashes) + 'nishīn' (sitter/dwelling) + abstract suffix '-ī'.
प्रयोग
Frequently deployed in the ghazal tradition to evoke the helpless aftermath of consumed love or ascetic renunciation.
उदाहरण
ख़ाकिस्तर-नशीनी का आलम
सोज़-ए-दिल के बाद ख़ाकिस्तर-नशीनी
समानार्थी
ख़ाक-नशीनीख़ाकसारीगोशा-नशीनी
संबंधित शब्द
ख़ाकिस्तरआतिशदूदग़ुबार
