शब्दार्थ
ख़ाक-बसर
khāk-basar
hiadjective
अर्थ
धूल-धूसरित, दर-दर भटकने वाला या बदहाल।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ सिर पर धूल डाले हुए होना है, जो अत्यधिक लाचारी, दुख और बदहाली का प्रतीक है। प्रस्तुत शेर में शायर 'बसर' (सिर) और उम्र 'बसर' (गुज़ारना) के शाब्दिक खेल से अपनी मुफ़लिसी व ज़िल्लत भरी ज़िंदगी को रेखांकित करता है। यह दुनिया में आशिक़ या फ़क़ीर के बेहाल और दर-बदर भटकने की अवस्था को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound of 'khāk' (dust) and 'ba-sar' (on the head).
प्रयोग
In classical Urdu poetry, it frequently appears as an emblem of intense sorrow or ascetic humiliation, often paired playfully with the idiom 'umr basar karnā'.
उदाहरण
ख़ाक-बसर फिरते रहे तेरी गली में
इश्क़ में दिल का ख़ाक-बसर होना
समानार्थी
बदहालदर-बदरख़्वारपरेशान-हाल
संबंधित शब्द
ख़ाक-नशीनख़ाकसारख़ाकबसर
