शब्दार्थ
ख़ाक-बाज़ी
khaak-baazi
hinoun, feminine
अर्थ
धूल-मिट्टी का खेल; बच्चों का व्यर्थ खेल या नादानी।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ बच्चों द्वारा धूल या मिट्टी से खेलना है। लाक्षणिक तौर पर यह निरर्थक प्रयास, नश्वरता और इंसानी उम्मीदों की क्षणभंगुरता को व्यक्त करता है। प्रस्तुत शेर में शायर ने उम्मीद को 'कार-ख़ाना-ए-तिफ़्ली' यानी बचपन के खिलवाड़ और मिट्टी का खेल क़रार देकर उसकी व्यर्थता को उजागर किया है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'khāk' (earth, dust) + 'bāzī' (playing, game).
प्रयोग
In classical ghazal, it is often employed to convey the absurdity and fragility of worldly aspirations by comparing adult ambitions to a child's game in the mud.
उदाहरण
उम्र भर की तमन्नाएँ बस ख़ाक-बाज़ी निकलीं।
दुनिया की रौनक़ ख़ाक-बाज़ी के सिवा कुछ भी नहीं।
समानार्थी
तिफ़्लाना खेलफ़ुज़ूल कामधूल-खेल
संबंधित शब्द
ख़ाकबाज़ीतिफ़्लीख़ाक-नशीन
