शब्दार्थ
ख़ाकी
khākī
hiadjective
अर्थ
मिट्टी से बना हुआ, पार्थिव, नश्वर।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ मिट्टी या धूल से बना हुआ होता है। सूफ़ी और शास्त्रीय शायरी में यह विशेषण प्रायः मनुष्य ('आदम-ए-ख़ाकी') के लिए आता है, जो उसकी नश्वर और पार्थिव प्रकृति को दर्शाता है। इस शे'र में यह शब्द मिट्टी से बने इंसान के वजूद और उसकी अज़मत को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Persian: from 'khāk' (dust, earth) + the attributive suffix '-ī'.
प्रयोग
In Urdu ghazal, it is traditionally contrasted with 'noori' (beings made of light, such as angels) to emphasize the divine paradox of man created from humble dust.
उदाहरण
पैकर-ए-ख़ाकी में पोशीदा है इक आलम
ख़ाकी को मिली अफ़्लाक की रफ़्तार
समानार्थी
पार्थिवगिलीतुराबी
संबंधित शब्द
ख़ाकख़ाकसारख़ाक-नशीन
