शब्दार्थ

खोए

khoye

hiverb

अर्थ

भटके हुए, गुमशुदा या राह भूले हुए।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'खोए' क्रिया 'खोना' का भूतकालिक कृदंत रूप है, जिसका अर्थ रास्ता भूल जाना या भटक जाना है। इस शेर में यह उस कठिन राह में भटके हुए लोगों की दशा को दर्शाता है, जिन्हें मार्ग से भटके बिना दोबारा पाया जाना संभव न था।

व्युत्पत्ति

Derived from Sanskrit क्षीयते (kṣīyate, to diminish/perish) through Prakrit खोवइ (khovai), yielding Hindi-Urdu खोना (khonā).

प्रयोग

In ghazal poetry, getting 'lost' (khona) often carries mystical and romantic undertones, signifying the annihilation of the ego in the search for the divine or the beloved.

उदाहरण

खोए हुए रास्तों के मुसाफ़िर

तेरी जुस्तुजू में सब खोए गए

समानार्थी

गुमभटकेलापता

संबंधित शब्द

खोनाखोयाखोई
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